लोकतंत्र के लिए अहम

इलेक्ट्रॉल बॉन्ड योजना शुरू से विवादास्पद थी। जो अनुभव रहा, उससे इसके खिलाफ आरंभ ही कही…

आप के साथ नहीं बन रही बात

कांग्रेस पार्टी ने भी अब आम आदमी पार्टी से दूरी बनानी शुरू कर दी है क्योंकि…

किसान फिर सड़क पर

किसान संगठन ‘दिल्ली चलो’ अभियान पर निकल पड़े हैं। इससे 2020 का नजारा फिर से सामने…

लोकतंत्र में नक्सलवाद और माओवाद गंभीर चुनौती

अजय दीक्षित केन्द्र सरकार लगातार दावे करती रही। है कि नक्सलवाद और माओवाद जैसे चरमपंथी संगठनों…

गरीबी पर गोलमाल

हरिशंकर व्यास श्वेत पत्र में नहीं बताया गया कि किस आधार पर सरकार गरीबी का आकलन…

हल्द्वानी हिंसा का दोषी कौन?

अजय दीक्षित गत वृहस्पतिवार 8 फरवरी को तथाकथित एक अवैध मदरसे को तोडऩे के बाद जिस…

फिर भी निशाना कांग्रेस

दोनों सदनों में मोदी के भाषण का सार रहा कि कांग्रेस भले आज बेहद कमजोर हो…

पाकिस्तान- चुनाव का ढकोसला

यह बहुत साफ दिखा है कि सेना की प्राथमिकता पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सत्ता में…

इंडिया एलायन्स में सब गड़बड़

विनीत नारायण ‘इंडिया’ एलायंस के घटक दलों ने इतना भी अनुशासन नहीं रखा कि वे दूसरे…

समान संहिता या सियासत?

देश में समान नागरिक संहिता हो, यह अपेक्षा अपने-आप में उचित है। लेकिन ऐसी अपेक्षाओं का…